google-site-verification: google29ff83529a400fc5.html संस्कार/Sanskara: संस्कार

बुधवार, 4 अक्टूबर 2017

संस्कार


संस्कार क्या होते हैं? संस्कार का अर्थ क्या है और इनका हमारे जीवन में महत्व क्या है? संस्कार दो तरह के होते हैं पहला बाह्य जैसे गर्भाधान, पुंसावन, अन्नप्राश्चन आदि और दूसरा आंतरिक। हम जो अपने आसपास के माहौल से ग्रहण करते हंै वो सूक्ष्म रूप से हमारे अंतर्मन में संग्रह हो जाता है और बाद में ये हमारे द्वारा किए जाने वाले हर कार्य को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। ये इस जन्म से ही नहीं जन्म-जन्मातरों का संग्रहण होता है अथवा माता-पिता या अन्य से ही या पारिवारिक माहौल में ये पनपते और विकसित होते हैं। संस्कार एक ऐसी संपत्ति होते हैं जो अमूल्य होते हैं और सदैव वंदनीय होते हैं इनको त्यागना अपना आदर्शों की हत्या के समान है। हमारे पूर्वजों बड़ी श्रद्धा से इनका पालन किया और इनको विकसित कर पनपने का मौका दिया। संस्कार जो अंतस्थ होकर बाह्य जगत को प्रभावित करते हैं और सद्स्वरूप होकर सदैव मानव को उच्चता के शिखरों को प्राप्त करने हेतु प्रवृत्त करने वाले संस्कारों को ये ब्लॉग समर्पित है।
।। संसार को प्रकाशित करने वाले और जीवन को उच्चता प्रदान कर मानव जीवन को श्रेष्ठता देकर विश्व कल्याण करने वाले ईश्वर को समर्पित।।

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